फ्लोरेन्स, टुस्कानी क्षेत्र की राजधानी है और लगभग पाँच लाख की जनसंख्या के साथ, आर्नो के किनारे फैला, आड्रियाटिक और टैरेहनियन सागर के बीच, लगभग इटालियन पेनिनसुला के मध्य स्थित है। यह शहर, कलकारखाना और हस्तकला, व्यवसाय और संस्कृति, कला एवं विज्ञान का केन्द्र है। यहाँ की जलवायु सम शीतोष्ण है, लेकिन कुछ परिवर्तनशील भी, हवा के झोंको से भरी शरद है तो उष्ण ग्रीष्म भी।

रोमनो द्वारा ई.पू. पहली शताब्दी में स्थापित, फ्लोरेन्स का पुनर्जन्म बारबरिक युग के अन्त के बाद, कारोलिंगियन काल में हुआ, और ११ वीं से १५वीं शताब्दी के बीच एक स्वाधीन नगर की तरह, पोप और शासक के शक्ति के बीच संतुलन बनाकर, ग्वेल्फ और घीबेलियनों के बीच के दुर्भाग्यपूर्ण अनतरकलह को दुर करके सभ्यता के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच गया। १५वीं शताब्दी में यह मेडिसि वंश के शासन में आया, जो आगे चलकर 'ग्रैन्ड डियूक्स आफ टुस्कानी' बने। यह वह समय जब यह शहर कला और संस्कृति , राजनीति और अर्थनीति के चरम पर था। मेडिसिस के ग्रैन्ड डियूकि को १८ वीं शताब्दी में 'हाऊस आफ लॉरैने' द्वारा तब सफलता मिली जब १८६० में टुस्कानी इटली साम्राज्य का एक हिस्सा बना, जिसकी राजधानी १८६५ से १८७१ तक फ्लोरेन्स थी । इस शताब्दी में यह शहर एक बार फिर कला और संस्कृति का महत्वपूर्ण केन्द्र बन गया।

सभी पर्यटन केन्द्रों को चार अंचलों में बांटा गया है, जिसमें से किसी भी जगह पैदल जाया जा सकता है। फ्लोरेंस के भौगोलिक और ऐतिहासिक आधार उन क्षेत्रों को माना जाता है जहाँ शहर के 'ड्योमो' मिलते हैं, जिनमें सांताक्रूज जिला, सान लॉरेन्जो और सान मार्को का उत्तरी भाग, एक क्षेत्र सांता मारिया नोवेला रेलवे स्टेशन से शुरु होकर पियाजा डेला रिपबलिका के पश्चिम तक, पोन्टे वेकियो, मेरकाटो नुओभो और डिस्ट्रिक आफ ओल्ट्रानो के साथ पिट्टी प्लेस, सान्तो स्पृचो, बोबली गार्डेन, और सान्ता मारिया डेल कारमाइन चर्च हैं।

शहर के पूर्वी क्षेत्र में मधूमक्खी के छत्ते की तरह कमचौरी रास्ते और प्राचीन गलियाँ के साथ मध्ययुग्यीय वातावरण मिलता है। सान्ता मारिया डेल फियोरो या ड्योमो इस क्षेत्र में अपना अधिपत्य दिखाते हैं। इसके बापटिसटेरी के शिल्पकार घीबर्टी और बेल-टावर के शिल्पकार ग्योटो थे। शहर में १३ वी शताब्दी के सबसे अच्छे अस्थापत्य के उदाहरणों में से एक दि ओर्सनमिसेल, भिया कॉलजैयोलि में स्थित है। दि गैलरी हाउसेस में फ्लोरेन्स के पुनर्जन्मकालीन मूर्तिकला का संग्रह है, जिसमें माइकेलांगेलो, डोनटेलो और सेलिनी की रचनायें हैं।

सान्ता क्रोसे पियाज्जा मे अभूतपूर्व गोथिक सान्ता क्रोसे बेसिलिका है, जो सन्यासियों के आश्रमों का समुह है और आजकल चित्रकला और मूर्तिकला का संग्रहालय है। बेसिलिका गृह के गुम्बज गैलिलयो और माइकेलांगेलो द्वारा, क्रोसिफिक्सन डोनटेलो और सिमबाउ द्वारा, पाज्जी चापेल ब्रुनेलेस्की और बार्डी चापेल गियोटो द्वारा निर्मित है। सिटि काउन्सिल के आने से पहले तक दि पियाज्जा डेला सिग्नोरिया, राजनीतिक शक्ति और शहरी जीवन दोनो का केन्द्र था। इस विशाल आलोकित चौराहे में पलाज्जो वेकियो का बोलबाला है। ठीक इसके पीछे Signoria open arched gallery है, जो इटली के महत्वपूर्ण मध्ययुग्यीय इमारतों में से एक है।

मेडिसी अंचल डि मार्टेली के साथ साथ फैला है, जो कि शहर के प्रमुख रास्तों में से एक है, जिसकी शुरुवात ड्योमो और बेप्टिस्टरी के बीच की जगह से होती है। यह अंचल सन लोरेंजो बेसिलिका का स्थान है, जो मेडिसी वंश के कुछ महान सदस्यों के मर्त्य अवशेष को संजोये है। कुछ ही दूरी पर वंश का मूल निवास स्थल पलाज्जो मेडिसी रिकार्डी है। पियाज्जा सन लोरेंजो के आसापास की सड़कें विशाल और रंगीन बाजारों से भड़े हैं, जिसमे एक केन्द्रिय बाजार और एक दो मंजिला दुकान है, जिसमे ताजा फल बिकता है। यह अंचल जो मेडिसी के समय में ग्रान्डड्यूक का अस्तबल था, अब एक धार्मिक मठ और सन मार्को जिला है। इसमें एक नयापन है, जिसमे हस्तकला शिक्षण और संरक्षण विश्वविद्यालय के छात्रों की विशाल संख्या है। विया रिकासोली के कोने से शुरु हुए इमारतों का समूह इस संस्थान की चित्रशाला, रत्नो की कारखाना और पुरातात्विक संग्रहालय है।

यह शहर पश्चिम में रेलवे स्टेशन और पोन्टे वेकियो से घिरा है। यहाँ कई आधुनिक गहनों और एतिहासिक समानो की दुकानें हैं। फ्लोरेन्स के जीवन्त अंचलो में से एक, पियाज्जा डेला रिपबलिका कुछ ही दूरी पर है। यह अंचल कैफे और खरीदारी के लिये, और साथ में विया विग्ना न्योवा और विया डि टोर्नाब्योनी, दोनो ही बहुत ही दर्शनीय, रैखिक और परिष्कृत दुकानों और १५वीं से १८वीं शताब्दी के बीच की महत्वपूर्ण इमारतें के लिये जाना जाता है। फ्लोरेन्सिय पुनर्जन्म की तर्ज पर बनी 'दि पलाज्जो स्ट्रोज्जी' इस अंचल की सुन्दर इमारतों का एक उदाहरण है। यह गेबिनेटो जी.पी. वाईस्योक्स एवं अन्य कई सांस्कृतिक संस्थानों का केन्द्र भी है।

आलट्रानो, छोटी इमारतों और ऐतिहासिक सामान के दुकानो वाले शांत स्वभाव का शहर है। यहाँ का पलाज्जो पिट्टी और बॉबोली बाग विख्यात है। यह अंचल विया माज्जियो और पियाज्जा डि सान्तो स्प्रीटो का स्थान है, दोनो ही ठाटवाट वाले इमारत हैं। पियाज्जा डेल कारमाइन में स्थित सान्ता मारिया डेल कारमाइन और बांकाक्सी चापेल के दिवारो पर बने चित्र कला के ले प्रसिद्ध है, जिसके शिल्पकार मासोलिनो और मासाक्सियो हैं।

बार्गेलो संग्रहालय बार्गेलो संग्रहालय में इटली के मध्यकालिन और पुनर्जन्मकालिन समय के मूर्तिकला का संग्रह है। माइकेलांगेलो का ' ड्रंकेन बैक्कस', डोनाटेलो का डेविड, ब्रूनेलेस्की द्वारा बैप्टिस्ट्री दरवाजा के प्रतियोगिता (जिसे घिबर्टी ने जीता था) मे बनाये गये डिजाईन, ग्याम्बोलोग्ना की मर्करी आदि जैसे प्रशंसनीय कलाकृतियों का संग्रह है। भारी अस्त्र-शस्त्रों से लैस बार्गेलो का बाहरी भाग यह याद दिलाता है कि, मध्यकाल में यह कभी पुलिश का मुख्यालय और कारावास था, जहाँ लोगों को सजा दी जाती थी। इस संग्रहालय के पास ही मेरी मेग्डालेन चापेल है, जिसके दिवारो पर गियोटो के द्वारा बनायी गयी चित्रकला हैं।

ड्योमो अब तक आप ब्रूनेलेस्की के ढ़लान, एक के बाद एक गगनचुम्बी लाल इमारतों से परिचीत हो चुके होंगे, लेकिन जब आप चौराहे ( पियाज्जा डेल ड्योमो ) के भीड़-भाड़ वाले सड़कों से ड्योमो के पास आयेंगे तो निसंदेह आप इसके गुलाबी, सफेद और हरे संगमरमर के आवरण की जीवनशक्ति को देखकर चौंक जायेंगे। अबतक के सबसे अलग डिजाइन बनाने के लिये ब्रूनेलेस्की को एक प्रतियोगिता में इनाम भी मिला था। कई जगहों से टूटफुट जाने के और पुनर्निर्माण के बावजूद आज भी यह अद्वितीय है। इस महान मंदिर का पूरा नाम कैथेड्रेले डि सान्ता मारिया डेल फ्योरे और यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा गिरजाघर है, इसकी शुरुवात १२९६ में आरनाल्फो डि कैम्बियों ने किया था और इसे पूरा होने में लगभग १५० साल लगे। यह १५३ मि. लम्बा और ट्रान्सेप्ट जो ९० मि. का है, को छोड़कर ३८ मि. चौड़ा है।

पियाज्जा डेला सिग्नोरिया यह पर्यटकों का प्रमुख आकर्षणकेन्द्र है। (यदि आप यहाँ आना चाहते हैं तो साइकिल की घंटी जरुर लायें)। शहर के इस सबसे सुन्दर पियाज्जा का निर्माण लगभग एक दुर्घटना की तरह १३ वीं शताब्दी में हुआ था। जहाँ तहाँ विख्यात मूर्तिकलाओं और ऐतिहासिक महलों की नकल इस शहर में भरे हुए हैं। यह हमेशा से फ्लोरेन्सिय राजनीतिक जीवन का केन्द्र रहा है। राजनीतिक अस्थिरता के वक्त, जनता यहाँ उपस्थित होकर अपना मतदान देते। जो साधारणतः विरोधी वंश का भाग्यनिर्धारण करता और जिससे शीघ्र ही उग्र आंदोलन का पतन हो जाता । पलाज्जो वेकियो के पास के पास ही अरिंघ्येरा ( भाषण देने का स्थान ) है जहाँ से राजनीतिक भाषणों द्वारा भावों को उकसाया जाता। 'हरांग (जोड़दार भाषण)' शब्द यहीं से आया है। आजकल पर्यटक ही यहाँ भीड़ जमाते हैं, उच्चदरोंवाले रेस्तरां में कॉफी पीते हैं, प्रसिद्ध स्थानों पर टूट पड़ते हैं, अमनाटि के 'मैनरिस्ट फाउन्टेन आफ नेपच्यून' के पास पोज देते हैं, जिसे माइकेलेंगेलो ने 'एक अच्छे संगमरमर के टुकड़े की बर्बादी ' कहा था। पियाज्जा की सबसे सुन्दर कलाकृति सेलिनी की 'परसियस' जिसमे मेड्यूसा के कटे सिर को लेकर, कोसिमो आइ के शत्रुओं को यह चेतावनी दी जा रही है कि सीमा रेखा पार करने वालों के साथ क्या होगा।

पियाज्जा सान लॉरेन्जो यह सुन्दर स्थान फ्लोरेंस के प्रारम्भिक काल की याद दिलाता है, जब कोसिमो डि मेडिसि राजा थे, जब सांस्कृतिक क्रियाकलापों का विकाश हुआ था। सान लॉरेन्जो बेसिलिका की शुरुवात ब्रूनेलेस्की ने १४२५ में की थी और इसे शहर के सबसे शुद्ध पुनर्जन्मकालीन चर्चों में से एक के रुप याद में किया जाता है। इसका पूर्वी 'फकाडे' काफी रोचक है, जिसे ईटों से विरलतापूर्वक सजाया गया है। यह मेडिसि वंश का राजकीय चर्च था और यहाँ इस वंश के कई सदस्यों की समाधि है। डोनाटेलो ने कांसे के आसान का डिजाइन बनाया था और उनको भी यहीं के एक चापेल में दफनाया गया था। माइकेलेंगेलो की संरचना 'दि न्यू सैक्रिस्टि' जिसममे उनके द्वारा बनायी गयी 'नाईट एन्ड डे' और 'डॉन एन्ड डस्क' जैसी मूर्तियाँ हैं।

पिट्टि महल आर्नो के दक्षिणी किनारे पर बसा यहा सबसे दर्शणीय स्थानों में से एक है। इसकी रूपरेखा ब्रूनेलेस्की द्वारा मेडिसियों के शत्रु पिट्टी वंश के लिये बनाया गया था। इस विशाल महल में रफेल, फ्लिपो लिप्पी, टिन्टोरेटो, वेरोनेस और रुबेन्स के रचनाओं का संग्रह है। इसके पुनःस्थापित अंशों मे मेडिसि और सैव्योस की जीवनशैली मिलती है, जिन्हौने यहाँ बाद में यहाँ अपना अधिपत्य जमाया था। यहाँ आधुनिक कला एवं वस्त्रों का संग्रह है भी है। यदि आप पलाज्जो के आदि हैं तो स्ट्रोजी महल , जो कि सबसे ज्यादा आकर्षक पुनर्जन्मकालिन महलों में से एक है और लियोन बाटिस्टा अलबर्टि द्वारा बनाये गये रुसेलाई महल को देखना ना भुलें जो कि आजकल फोटोग्राफिक संग्रहालय है । पिट्टि महल के चारों ओर फ्लोरेंस के कुछ सबसे सुन्दर पार्क और बोबली बाग है। इसकी बनावट, तालाब के साथ बागिचे, झड़ना, ज्यामितिय किनारा, पेड़ों की कतार, एक गुफा और ताराकृति 'फोर्टे डि बेलवेडेरे', एक आदर्श पुनर्जन्मकालिन भूभाग का उदाहरण है। यदि आप में जोश है, तो फोर्टे डि बेलवेडेरे से उतर कर प्याज्जाले माइकेलेंगेलो तक जायें, जिसमें फ्लोरेंस का सबसे सुन्दर नजारा आपको देखने को मिलेगा।

सान्ता क्रोसेयदि आपको सान्ता क्रोसे में कोई अद्भुत अनुभव हुआ हो , तो गायब मत हो जाइये। हो सकता है आपको स्टेन्डेला बीमारी हो जाये, जो कि हर साल फ्लोरेंस आने वालों में से १२ लोगों को हो जाता है। इमारत की फकाडे ज्यामितिय आकार के रंगीन संगमरमर से सजे (१९वीं शताब्दी में जोड़ा गया) हैं, लिकेन असली रहस्य तो अन्दर है, जहाँ कई विख्यात फ्लोरेन्सी शान्ति से रह रहे हैं। दीवारों से सटे कब्रों की कतारें हैं और २७६ कब्रके उपर के पत्थरों से फर्श ढ़का है। चर्च के कुछ प्रमुख निवासियों में माइकेलेंगेलो, मैकियावेलि, गैलिलयो और बार्डी हैं। इसके चापेलों में गियोटो और डेला रोबिया की कलाकृति है और 'सेरेने क्लोयस्टर' की डिजाइन ब्रुनेलेस्कि द्वारा बनायी गयी है। सान्ता क्रोसे संग्रहालय की विशेषता, सिमबाओ द्वारा बनाये गये क्रुसिफिक्स का अवशेष है, जो १९६६ के बाढ़ में नष्ट हो गया था। कुछ अन्य चर्च जिसे जरुर देखना चाहिये वे हैं, ओर्सानमिसेले, सान्ता ट्रिनिटा, सान्ता मारिया नोवेला।